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Monday, November 18, 2013

मेरी भोपाल यात्रा (पहला दिन) - श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, भोपाल

पापा अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में भोपाल जा रहे थे, तो मैं भी  पापा के साथ मुरादाबाद से भोपाल चला आया घूमने के लिए। 11 मार्च, 2013 की रात को हम भोपाल पहुँचे। पापा अपने ऑफिस का काम निपटाकर अगले दिन 12 मार्च को 11 बजे के आस पास खाली हो चुके थे, आसपास के लोगों से घूमने के लिए पास ही किसी अच्छे स्थान के बारे में पूछा तो सबने हमें एक ही स्थान बताया दिया - "बिड़ला मंदिर" यानि  श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर। फिर क्या था हम एक टैक्सी में बैठे और शायद 10 - 15 मिनट में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुँच गए। ये बहुत ही सुन्दर मंदिर और दर्शनीय स्थल है। भारत के सबसे बड़े उद्योगपति घरानों में से बिड़ला परिवार ने इस सुन्दर मंदिर का निर्माण करवाया है इसलिए इसे बिड़ला मंदिर भी कहते हैं।  

नारायण - लक्ष्मी 
मंदिर के ऊपरी हिस्से में लगा खूबसूरत झूमर 
नारायण - लक्ष्मी 

जय भोलेनाथ 
मंदिर की दीवार में अलंकृत चित्रकारी  
माँ दुर्गा 
मंदिर की दीवारों पर ख़ूबसूरत चित्रकारी का नमूना 


मंदिर के मुख्य द्वार के सीध में लगी शंक की मूर्ति  
मंदिर में स्थित शिवलिंग 
ये बोर्ड केवल नियम बताता .... उनका अनुसरण नहीं करता है !!
मंदिर की एक खिड़की पर अपनी प्यारी गौरैया को देखने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ  
मंदिर के पिछले हिस्से से भोपाल शहर का नज़ारा 

मंदिर का शीर्षपटल पिछले हिस्से से 



पापा शंक की मूर्ति के साथ 

मंदिर में प्रवेश करने का दूसरा रास्ता 
हम मंदिर में देर से गए थे, इसलिए हमे मंदिर के दूसरे गेट से ही प्रवेश मिला था और हम इसी गेट से मंदिर से निकले भी थे। 

जी. पी. बिड़ला संग्रहालय, भोपाल 
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के ठीक बगल में ही जी. पी. बिड़ला संग्रहालय भी है। मात्र 10 रुपये के दो टिकट खरीद कर हमने इस संग्रहालय में प्रवेश लिया। संग्रहालय में फ़ोटो खींचना सख्त मना है इसलिए मैं यहाँ फ़ोटो नहीं खींच पाया लेकिन बाहर से इसे अपने कैमरे में क़ैद ज़रूर  कर लिया मैंने। 
जी. पी. बिड़ला संग्रहालय का मुख्य द्वार
सूचना पढ़ लीजिए .... झूठ नहीं बोल रहा हूँ,,,  मैं !! 
आगे भी ज़ारी ……

20 comments:

  1. सुन्दर चित्रावली के साथ बढ़िया यात्रा प्रसंग।

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    1. सादर धन्यवाद सर।।

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  2. आज तो यह पोस्ट पढ़कर बचपन की सभी यादें ताज़ा हो गयी ...बहुत खेला है मैंने इस मंदिर में... :-)

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    1. सादर धन्यवाद मैम।।

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  3. सुन्दर प्रस्तुति-
    सादर नमन-

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    1. सादर धन्यवाद सर।।

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  4. हम तो जाने कब से नहीं गए बिड़ला मंदिर....जाते है जल्द से जल्द :-)

    सुन्दर पोस्ट हमारे भोपाल पर

    अनु

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    1. जी ज़रूर :-) सादर धन्यवाद मैम।।

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  5. बहुत सुन्दर विवरण एवं सुन्दर चित्र ..

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    1. सादर धन्यवाद सर।।

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  6. आज तो यह पोस्ट पढ़कर यादें ताज़ा हो गयी हर्षवर्धन जी, बेहद सुन्दर चित्रण किया है आपने इसके लिए आपका आभार।

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    1. सादर धन्यवाद सर।।

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  7. बहुत सुंदर यात्रा विवरण एवं मनोहारी चित्र.

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    1. सादर धन्यवाद सर।।

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  8. इस पोस्ट की चर्चा, बृहस्पतिवार, दिनांक :- 21/11/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" चर्चा अंक - 47 पर.
    आप भी पधारें, सादर ....

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    1. चर्चा में शामिल करने के लिए सादर धन्यवाद।।

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  9. हमारा भोपाल आपको भाया और आपने सुन्दर चित्र प्रस्तुत किये ..यह देखकर मन को बहुत ख़ुशी हुयी .. ..

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    1. आपका भोपाल तो सबको ही भायेगा,,, सादर धन्यवाद मैम।।

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  11. हम भी घूम चुके हैं, बड़ा ही सुन्दर लगा था।

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